मऊ जिले के साहित्यकार श्री हरिराम की रचनाओं पर नजर

श्री हरिराम जी इस बीच उनके संवेदनशील भक्त ह्रदय पर जो भी छाप पडी समाज, सामाजिक जीवन, आध्यात्म की जो तरंगे उठी,उन्होने अपनी इस रचना ‘श्री हरि सतसई ‘मे काव्य -निबंध लिखे है।
श्री हरिराम जी सरल,सात्विक और निश्छल व्यक्ति है।इन्होंने अपने जीवन के अनुभवो का निचोड़ इन दोहो मे गूँथ दिया है ।ऐसे सात्विक जीवन वाले व्यक्ति के लिखे काव्य मे जीवन के सात्विक संदेश अवश्य है। इसमे एक ग्राम मन,साधुमन,स्नेही मन की अभिव्यक्ति है ।इसकी भाषा अपने ढंग भी है और छंद की गति भी कहीं कहीं शिथिल होगी पर भक्त भाषा और छंद पर नही भाव पर जीता है वही भाव इसमें है।
आशा है इनकी रचना का सम्मान होगा
‘मानीय श्री संत हरिराम मानव महा काव्य के लेखक है ग्राम पंचायत नूरपुर पोस्ट सचाई मऊ
के मूल निवासी है

अग्रिम पुरतके–
1- सतपथी 2- सोच सम्हारोमन 3- नैतिक सोच 4- मन मणिका 5- मानव संस्कार 6- कर्म कसौटी 7- शिक्षा राहभली 8- मुहावरों का संसार 9- पुस्तक काव्य – “दर्द -दर्पण ” 10- हरि सतसई’ 11- आत्म समर्पण -झांसी की रानी और महाप्रभु बुध्द 12- संत सरोवर-गेहपद 13- अनुज पथ 14- आत्म कथा

रिपोर्ट -सन्तोष कुमार पत्रकार

Share buttons