सरकार ने वह 59 मोबाइल ऐप बैन किए जो भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए नुकसानदेह हैं

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इससे आईओएस यूजर के लिए अब यह पता लगाना आसान हो गया है कि कौन-सा ऐप्स बिना परमिशन भी डाटा एक्सेस कर रही है. जैसे ही कोई ऐप्स क्लिपबोर्ड को एक्सेस करती है, यूजर को अलर्ट मिल जाता है.
खबर यह है कि टिकटॉक जैसे कई ऐप्स यूजर की जासूस कर रहे थे. कुछ यूजर ने इस मामले को लेकर ट्वीट भी किया है. चाइनीज शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म टिकटॉक यूजर के क्लिपबोर्ड को लगातार लगातार एक्सेस कर रही थी.इससे यूजर्स की चिंता बढ़ गई है कि टिकटॉक बिना परमिशन भी यूजर्स की पर्सनल डाटा को कॉपी कर रहा था.

हालांकि इस आरोप के बाद टिकटॉक ने एक स्टेटमेंट ‘द टेलीग्राफ’ को दिया है, जिसके मुताबिक, कंपनी का कहना है कि ऐप क्लिपबोर्ड से किसी भी तरह की डाटा को कलेक्ट नहीं करती है. यह समस्या रिपिटेटिव और स्पैम बिहेवियर का पता लगाने से जुड़े फीचर की वजह से ट्रिगर हो रहा है.

कंपनी का यह भी कहना है कि उसने अपडेटेड वर्जन को पहले ही ऐप स्टोर पर सबमिट कर दिया है और उसमें से एंट्री स्पैम फीचर को हटाया जा रहा है. हालांकि टिकटॉक पर इस तरह के आरोप पहले भी लगते रहे हैं.

मीडियो रिपोर्ट के मुताबिक, आईओएस पर और भी कई ऐप्स हैं, जो लगातार क्लिपबोर्ड को चेक कर रही हैं. इस लिस्ट में एकूवेदर, ओवरस्टॉक, अलीएक्सप्रेस, कॉल ऑफ ड्यूटी मोबाइल, गूगल न्यूज आदि शामिल हैं. हालांकि अभी तक इन ऐप्स की तरफ से कोई स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है.

मानवाधिकार मीडिया से आशुतोष मिश्र