एम्स में नर्सों की हड़ताल, पीपीई किट से हो रहे इन्फ़ेक्शन और रेशेज़ ।

Delhi

दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में काम करने वाले महिला और पुरुष नर्स आजकल इन सभी परेशानियों से दो चार हो रहे हैं।
पीपीई किट पहनने के बाद कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होता है. इसे पहनकर बाथरूम नहीं जा सकते. इसके कारण महिला नर्सों के लिए परेशानियां दोगुनी हो गई हैं.

एम्स में कोविड आईसीयू इंचार्ज रंजना बताती हैं, “पीपीई किट पहनने पर हमें एडल्ट डायपर का इस्तेमाल करना होता है. जो यूरिन रोक सकता है वो डाइपर नहीं पहनता. महिलाएं यूरिन भले ही रोक लें लेकिन माहवारी का रक्त तो नहीं रोक सकतीं. पर वो सैनिटरी पैड का इस्तेमाल भी नहीं कर सकतीं क्योंकि हैवी फ्लो में उसे बार-बार बदलना पड़ता है. हमें माहवारी और यूरिन दोनों के साथ उस डायपर में रहना होता है. छह से सात घंटे इस तरह गीलेपन में बिताना कई बीमारियों को न्योता देने जैसा है.”
पीपीई किट में काम करना , एक पॉलिथीन में पैक होकर काम करने जैसा है. आप ना कुछ खा सकते हो, ना बाथरूम जा सकते हो और इंफ़ेक्शन का ख़तरा अलग बना रहता है. ”

“ माहवारी में पैड इस्तेमाल नहीं कर सकते क्योंकि वो बदल नहीं सकते इसलिए एडल्ट डायपर पहनना पड़ता है. यूटीआई से लेकर स्किन इंफ़ेक्शन तक से परेशान हैं.

✍️रोहित नंदन मिश्र