सामान्य खासी बुखार को कोरोना संक्रमण ना समझे समझदार बने सावधान रहें और जानिये कैसे बचें इस संक्रमण से

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कोरोना की इस महामारी के दौरान अधिकांश जगहों पर देखने को मिला है कि किसी व्यक्ति को सामान्य खासी बुखार है तो लोग उसे कोरोना संक्रमित समझने लगते है कोरोना से संबंधित सही जानकारी न होने से लोगो मे तरह तरह के भ्रम है तो आईये जानते है सामान्य खासी बुखार एवं कोरोना संक्रमित में फर्क। अधिकतर मामलों में सामान्य बुखार लोगो को होता है तो वह ज़्यादा तेज़ नही होता 98,99 या 100 डिग्री फॉरेनहाइट होता है। जबकि कोरोना संक्रमित व्यक्ति को जब बुखार चढ़ता है तो वह तेज़ होता है एवं इसके साथ और भी लक्षण होते हैं जैसे कफ जमना लेकिन खासी सुखी ही आती है और इस वायरस से संक्रमित लोगो को सांस लेने में बहुत दिक्कत होती क्योंकि यह वायरस फेफड़ो को संक्रमित करता है इसकी वजह से फेफड़ों में कफ जमना शुरू हो जाता है और संक्रमित व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर सांस में दिक्कत के अलावा फ्लू और कोल्ड जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। कोरोना वायरस से संक्रमित 30 प्रतिशत लोगो में डायरिया एवं उल्टी जैसे लक्षण देखने को मिले हैं। जब तेज़ बुखार हो सुखी खासी आये और साथ साथ सांस लेने में दिक्कत हो तो फौरन जांच कराए। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। उन दिशानिर्देशों के अनुसार हाथों को साबुन से बार बार धोना चाहिए। अल्‍कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्‍तेमाल करे। खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढककर रखें अगर ये दोनों चीज़े उपलब्ध न हो तो हथेली बिल्कुल न लगाएं खासते वक़्त हथेली से ऊपर और कोहनी के बीच के हाथ के हिस्से से मुह ढक के खासे या छीके। जिन व्‍यक्तियों में कोल्‍ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें। जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें। यह वायरस उन्ही लोगो पर हावी होता है जिनका इम्युनिटी सिस्टम कमज़ोर होता है। खासकर बुज़ुर्गो में इसका संक्रमण अधिक पाया गया है जिन्हें पहले से अस्थमा डायबिटीज़ और हार्ट की बीमारी है।

इम्युनिटी सिस्टम कैसे मज़बूत रखे

गोरखपुर मंडल के रहने वाले वैज्ञानिक डॉक्टर विवेक धर द्विवेदी से हमारे संवाददाता से बातचीत में उन्होंने कहा

विटामिन-D की पूरकता कोरोना संक्रमण से होने वाले दुष्परिणामों को नियंत्रित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। लगभग सभी प्रकार के संक्रमित रोगो के अध्यन में विटामिन-D की कमी एक महत्वपूर्ण कारण रही है फिर चाहे वो टी०बी० हो, श्वाश नलिका का संक्रमण हो या इन्फ्लुएंजा का संक्रमण। आजकल के रहन सहन ने मनुष्यो को प्रकृति से दूर कर दिया है। बहुत ही कम लोग सूर्य के प्रकाश में एक घंटे का समय बिताते है। जिसके कारण ज्यादातर लोगो में विटामिन-D की कमी पायी जा रही है। और इसका सीधा दुष्प्रभाव (Side effects) प्रतिरक्षा तंत्र (Immunity) पर पड़ता है, तथा मनुष्य का शरीर बाहरी रोगो से लड़ने में कमजोर पड़ जाता है। ऐसे में रोगो के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी, इथाका, अमेरिका (Cornell University, Ithaca, America ) के शोधकर्ताओ ने ये बताया है की, कोरोना संक्रमण में भी जिन लोगो की प्रतिरक्षा तंत्र (Immunity) कमजोर है, उन लोगो में ये बीमारी गंभीर और जानलेवा रूप ले रही है। वही जिनका प्रतिरक्षा तंत्र (Immunity) मजबूत है उन लोगो में इस रोग के लक्षण या तो काम है, या नहीं पाए गए है। अतः सभी व्यक्तियों को अपने प्रतिरक्षा तंत्र को मजबुत करने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा दिए गए निर्देशों तथा लॉकडाउन के नियमो का पालन करते हुए कम से कम एक घंटे धुप में समय जरूर व्यतीत करना चाहिए। धुप के साथ साथ विटामिन-D की पूर्ति के लिए समृद्ध खाद्य पदार्थ खाना चाहिए। जैसे संतरे का रस, पनीर, सोया, दूध, अंडे की जर्दी, वसायुक्त मछली आदि।
जिससे शरीर में विटामिन-D का बैलेंस बना रहे और रोगो से संक्रमण का खतरा कम हो।

कैसे बचें इस वायरस से

अगर आप कोरोनावायरस से बचना चाहते हैं तो भीड़ भाड़ वाली जगह से दूर रहें बेवजह बाजार में ना निकले किसी भी कारण से अगर बाजार जाना हो तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। बाजार में बिक रहे अधिकतर मास्क कोरोना वायरस से नहीं बचा सकते क्योंकि अधिकतर मास्क धूल से बचाने के लिए ही होते हैं लेकिन कुछ ऐसे मास्क बाजार में उपलब्ध हैं जिनके इस्तेमाल इस वायरस से बचा जा सकता है जैसे N95 मास्क। बाहर निकले तो कोशिश करे कि ग्लव्स का इस्तेमाल करे कुछ समय के अंतराल में अल्कोहल मिश्रित हैंड सेनीटाइजर का इस्तेमाल करते रहे। बिना हैंडवाश किए अपने हाथों से अपनी आंख नाक मुंह को हाथ ना लगाये। क्योंकि हर वायरस की एक क्षमता होती है या वायरस जब तक हमारे शरीर के अंदर ना जाए तब तक या पूरी तरीके से एक्टिव नहीं रहता इसीलिए थोड़े थोड़े समय पर हाथों को हैंड सेनीटाइजर से सैनिटाइज करें और हैंड वॉश करते रहें। घर के दरवाजों के हैंडल को समय-समय पर सैनिटाइज करते रहे अगर बाजार में अपने दोपहिया या चार पहिया वाहन से जा रहे हैं और आपका वाहन किसी दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आया हो तो अपने वाहन को सैनिटाइज करें। बाहर से वापस घर आने के बाद किसी भी वस्तु को न हाथ लगाए। सबसे पहले अपने हाथों को अच्छी तरीके से हैंड वॉश करें उसके बाद ही किसी के संपर्क में आए।