*मंडियां बन्द होने के कारण बरमण्डल क्षेत्र में कई किसान खेतों में टमाटर , भिंडी, गोभी , पपीता खराब होने से आर्थिक नुकसान को लेकर चिंतित*

बरमण्डल से मनीष पँवार की रिपोर्ट
बरमंडल – कोरोना वायरस संक्रमण मे 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन से जहां मजदुर एवं रोजमर्रा के व्यापार पर आश्रित वर्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वही किसान वर्ग भी इस देशव्यापी लॉकडाउन मे मुसीबत की मार से जूझ रहा है। इस वर्ष अच्छी बारिश के चलते जहां रबी एवं खरीफ की फसल को अधिक नुकसान नही हुआ। कुछ किसानो ने पानी की अधिकता को देखते हुये टमाटर , धनिया,गोभी जैसे सब्जीयां भी बडी मात्रा मे लगा दी थी लेकिन अधिकांश स्थानो पर सब्जी मंडियां बंद है तो संपुर्ण लॉकडाउन के चलते बाजार मे भी किसान सब्जीयां नही बेच पा रहे है। किसान तुलसीराम मावर एवं गोविन्द मावर ने लॉकडाउन के चलते हो रहे नुकसान की आपबीती बताई। किसान तुलसीराम मावर ने बताया कि पिछले दो तीन वर्षो से खेती मे अधिक नुकसान हो रहा था। इस बार अच्छी बारिश के बाद 2.5 बीघा के खेत मे पत्ता गोभी लगाई है साथ ही 2 बीघा के खेत मे टमाटर लगाये है। दोनो फसल पककर तैयार हो चुकी है लेकिन इंदौर, रतलाम जैसी बडी सब्जी मंडियां बंद है ऐसे मे सब्जीयां कहां बेचे दोनो फसले यदि 10 दिन मे नही बिकी तो इन्हे खेतो मे ही फेकना पडेगा। गोभी की उपज बेचने पर 2 से 3 लाख एवं टमाटर बेचने पर करीब 1 लाख रू की आमदानी हो जाती जिससे मै अपना कर्जा आसानी से चुका सकता था। लेकिन अब क्या करे। वही किसान गोंविद मावर ने 2 बीघा मे धनिये की फसल लगाई थी जो पुरी तरह से पककर तैयार हो चुकी है। लेकिन लाकडाउन मे मंडीया बंद होने से कोई भी व्यापारी फसल खरीदने को तैयार नही है जबकी पिछले वर्ष ये हालात थे कि व्यापारी आगे रहकर फसल खरीदने के लिये किसानो को फोन लगाते रहते थे।एक दो नही बल्कि क्षैत्र मे दो दर्जन से अधिक ऐसे किसान है जो इस तरह की समस्या से जूझ रहे है। किसानो ने मांग की है कि जहां पर मंडीया चालु है उन्हे पास बनाकर दिये जाये ताकी वे अपनी फसल मंडीयो मे बेच सके जिससे होने वाले आर्थिक नुकसान से बचा जा सके। इसी प्रकार किसान रविन्द्र पाटीदार के भी ढाई बीघा खेत में धनिया , भिंडी लगा रखी थी किन्तु मंडी बन्द होने के चलते फसल खराब हो चुकी है व आर्थिक नुकसान हुआ है । किसान मोहन धन्नालाल गोला ने अपने साढ़े तीन बीघा खेत मे पपीता के लगभग 850 पौधे लगाए थे । पपीता लगभग पकने की कगार पर है किंतु किसान चिंतित है कि फसल कहाँ बेचे । इसी प्रकार कई किसानो की भी टमाटर , भिंडी , पपीता , धनिया सहित अन्य फसले पक चुकी है । किसान फसल खराब होने के चलते आर्थिक नुकसान को लेकर चिंतित है । किसानो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि फसल खराब होने से हुए आर्थिक नुकसान को लेकर किसानों के हित मे कोई उचित कदम उठाए ।