उत्तर प्रदेश सुल्तानपुर

योगीराज में गरीबों के राशन में लगा भ्रष्टाचार का घुन

*सुलतानपुर*

*योगीराज में गरीबों के राशन में लगा भ्रष्टाचार का घुन,ई-पा श मशीनों से वितरण के बाद ईजाद हुआ भ्रष्टाचार का नया तरीका*
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम देश में लागू होने के बाद सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबों को ई-पाश मशीनों से खाद्यान्न मिलने लगा जिससे कोटेदारों व पूर्ति महकमे के लोगों की काली कमाई पर असर पड़ने लगा । जिसके चलते पूर्ति महकमे के लोगों द्वारा भ्रष्टाचार पर तेज चाबुक चलाने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में भ्रष्ट कोटेदारों के विरूद्ध विगुल फूंकने वाली सांसद मेनका गांधी के क्षेत्र में काली कमाई का नया रास्ता अख्तियार कर लिया गया है। अब पूर्ति निरीक्षकों के इशारे पर कोटेदार कार्डधारकों के खाते से यूनिट कटने की बात कहते हुए प्रति महीने पांच किलो खाद्यान्न इस तरह हजम कर ले रहे हैं कि उन्हें डकार भी नहीं आ रही है। भदैंया ब्लाक की ग्रामपंचायत जद्दूपुर के कार्डधारकों ने कोटेदार की शिकायत की तो पूर्ति निरीक्षक ने झूठी एवं काल्पनिक रिपोर्ट लगाकर शिकायत निक्षेपित कराकर कोटेदार को भ्रष्टाचार में लिप्त कोटेदार को राहत प्रदान कर दी।
लम्भुआ तहसील अन्तर्गत विकासखण्ड भदैंया की ग्रामपंचायत जद्दूपुर के कार्डधारकों का आरोप है कि कोटेदार गांव के बहुसंख्यक कार्डधारकों से उनकी एक या दो यूनिट कट जाने की बात कहते हुए राशन की कटौती कर ली जाती है लेकिन कार्ड में अपठनीय लिपि में पूरा ही अंकित किया जाता है । ग्रामीणों का कहना है कि आनलाइन आधार कार्ड से लिंक्ड राशन कार्ड बने हैं तो आखिर कैसे एक साथ तमाम लोगों के यूनिट में कटौती हो रही है। जब इसकी छानबीन की गयी तो पता चला कि यह पूर्ति निरीक्षकों की शह पर अवैध कमाई का कोटेदारों द्वारा अपनाया जाने वाला सिर्फ हथकण्डा मात्र है। ग्रामपंचायत जद्दूपुर के गांव जमुवांवा खान निवासी बोड़ई पुत्र राम बरन व कल्लू वर्मा पुत्र सम्पत ने जिला पूर्ति अधिकारी, जिलाधिकारी, सूबे के मुख्यमंत्री व सांसद मेनका संजय गांधी को शिकायती पत्र भेजकर गरीबों के राशन में लगे भ्रष्टाचार के घुन की जानकारी देते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के विरूद्ध कार्यवाही की मांग की है। शिकायत करने वाले कार्डधारकों ने बताया कि इसके पूर्व जिलाधिकारी से की गयी शिकायत पर पूर्ति निरीक्षक द्वारा घर पर बैठे बैठे ही झूठी एवं काल्पनिक रिपोर्ट लगाकर शिकायत को निक्षेपित करा दिया थ। कार्डघारकों का कहना है कि कोटेदार की अनियमितता के विरूद्ध कोई आवाज उठाता है तो कोटेदार के परिवारवाले मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।ं गरीब ग्रामीणों को धमकी देते हैं कि ज्यादा नेतागीरी करने वालों का कार्ड ही निरस्त करा देंगे। ग्रामीणों का मानना है कि कोटेदार हर महीने अपने काले कारनामों से लाखों रूपए की उगाही कर लेते हैं। यह केवल एक ही ग्रामपंचायत का हाल नहीं है कमोवेश पूरे जिले के कोटेदारों का यही हाल है।

*रिपोर्ट@बिलाल अहमद*

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